अन्वयः
रामः Rama, लक्ष्मणस्य Lakshmana's, वचः words, श्रुत्वा on hearing, दीनः a dejected man, सन्तापमोहितः overwhelmed with grief, स्वयम् himself, गादावरीं नदीम् to river Godavari, समभिचक्राम went, सः रामः that Rama, ताम् the river, उपस्थितः approached, सीते Sita, क्व where, इत्येवम् in this manner, अब्रवीत् said.
Summary
Overwhelmed with grief on hearing Lakshmana's words, Rama himself went to river Godavari, and shouted, where are you, Sita?
पदच्छेदः
| लक्ष्मणस्य | लक्ष्मण (६.१) |
| वचः | वचस् (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| दीनः | दीन (१.१) |
| संतापमोहितः | संताप–मोहित (√मोहय् + क्त, १.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| समभिचक्राम | समभिचक्राम (√समभि-क्रम् लिट् प्र.पु. एक.) |
| स्वयं | स्वयम् (अव्ययः) |
| गोदावरीं | गोदावरी (२.१) |
| नदीम् | नदी (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ल | क्ष्म | ण | स्य | व | चः | श्रु | त्वा |
| दी | नः | सं | ता | प | मो | हि | तः |
| रा | मः | स | म | भि | च | क्रा | म |
| स्व | यं | गो | दा | व | रीं | न | दीम् |