अन्वयः
परन्तप O scorcher of enemies, सौम्य handsome one, गृध्रस्य bird's, विनाशे at his death, मत्कृते च for my sake, यथा as, सीताहरणजम् caused by the abduction of Sita, दुःखम् grief, तथाविधम् in that way, न not experienced.
Summary
O scorcher of enemies, O handsome Lakshmana the grief I experience due to Jatayu's death on my account is more intense than Sita's abduction.
पदच्छेदः
| सीताहरणजं | सीता–आहरण–ज (१.१) |
| दुःखं | दुःख (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| मे | मद् (६.१) |
| सौम्य | सौम्य (८.१) |
| तथागतम् | तथा (अव्ययः)–आगत (√आ-गम् + क्त, १.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| विनाशो | विनाश (१.१) |
| गृध्रस्य | गृध्र (६.१) |
| मत्कृते | मद्–कृत (७.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| परंतप | परंतप (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सी | ता | ह | र | ण | जं | दुः | खं |
| न | मे | सौ | म्य | त | था | ग | तम् |
| य | था | वि | ना | शो | गृ | ध्र | स्य |
| म | त्कृ | ते | च | प | रं | त | प |