अन्वयः
सौमित्रे Saumitri, काष्ठानि firewood, हर fetch, पावकम् fire, निर्मथिष्यामि I will rub, मत्कृते for my sake, निधनम् गतम् died, गृध्रराजम् king of the birds, दिधक्षामि I wish to burn.
Summary
O Saumitri fetch firewood. I shall generate fire by rubbing them and cremate the king of the birds who has laid down his life for my sake.
पदच्छेदः
| सौमित्रे | सौमित्रि (८.१) |
| हर | हर (√हृ लोट् म.पु. ) |
| काष्ठानि | काष्ठ (२.३) |
| निर्मथिष्यामि | निर्मथिष्यामि (√निः-मथ् लृट् उ.पु. ) |
| पावकम् | पावक (२.१) |
| गृध्रराजं | गृध्र–राज (२.१) |
| दिधक्षामि | दिधक्षामि |
| मत्कृते | मद्–कृते (अव्ययः) |
| निधनं | निधन (२.१) |
| गतम् | गत (√गम् + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सौ | मि | त्रे | ह | र | का | ष्ठा | नि |
| नि | र्म | थि | ष्या | मि | पा | व | कम् |
| गृ | ध्र | रा | जं | दि | ध | क्षा | मि |
| म | त्कृ | ते | नि | ध | नं | ग | तम् |