स्थूलान्गिरिगुहाशय्यान्वराहान्वनचारिणः ।
अपां लोभादुपावृत्तान्वृषभानिव नर्दतः ।
रूपान्वितांश्च पम्पायां द्रक्ष्यसि त्वं नरोत्तम ॥
स्थूलान्गिरिगुहाशय्यान्वराहान्वनचारिणः ।
अपां लोभादुपावृत्तान्वृषभानिव नर्दतः ।
रूपान्वितांश्च पम्पायां द्रक्ष्यसि त्वं नरोत्तम ॥
अन्वयः
नरोत्तम O best of men, स्थूलान् huge, गिरिगुहाशय्यान् resting in the mountain caves, वनचारिणः forestrangers, अपाम् of waters, लोभात् desire , उपावृत्तान् approaching, वृषभानिव like bulls, नर्दतः roaring, रूपावनितान् delightful appearance, वराहान् boars, पम्पायाम् at Pampa, त्वम् you, द्रक्ष्यसि you will see.M N Dutt
And you too, O best of men, shall behold those fat monkeys, who had drunk water, roaring like to oxen appearing on the banks of a river to drink water.Summary
O best of men you will see huge boars of delightful appearance that roar like bulls resting in mountain caves, roaming in the forest and coming to Pampa for its water.पदच्छेदः
| स्थूलान् | स्थूल (२.३) |
| गिरिगुहाशय्यान् | गिरि–गुहा–शय्या (२.३) |
| वराहान् | वराह (२.३) |
| वनचारिणः | वन–चारिन् (२.३) |
| अपां | अप् (६.३) |
| लोभाद् | लोभ (५.१) |
| उपावृत्तान् | उपावृत्त (√उपा-वृत् + क्त, २.३) |
| वृषभान् | वृषभ (२.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| नर्दतः | नर्दत् (√नर्द् + शतृ, २.३) |
| रूपान्वितांश् | रूप–अन्वित (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| पम्पायां | पम्पा (७.१) |
| द्रक्ष्यसि | द्रक्ष्यसि (√दृश् लृट् म.पु. ) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| नरोत्तम | नर–उत्तम (८.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्थू | ला | न्गि | रि | गु | हा | श | य्या | न्व | रा | हा | न्व |
| न | चा | रि | णः | अ | पां | लो | भा | दु | पा | वृ | त्ता |
| न्वृ | ष | भा | नि | व | न | र्द | तः | रू | पा | न्वि | तां |
| श्च | प | म्पा | यां | द्र | क्ष्य | सि | त्वं | न | रो | त्त | म |