अन्वयः
पक्षिणः birds, तथा so also, अन्ये other, वनचारिणः wild animals, एतत् this place, वर्जयन्ति avoid, ये whoever, मोहात् by ignorance, अत्र there, विशन्ति enter, ते they, पुनः again, न निवर्तन्ति do not return.
M N Dutt
Birds or other wild animals do not enter this asylum; whoever entereth this by mistake never returneth.
Summary
'Birds and wild animals avoid the hermitage and whoever enters there out of ignorance never returns.
पदच्छेदः
| पक्षिणो | पक्षिन् (१.३) |
| वर्जयन्त्य् | वर्जयन्ति (√वर्जय् लट् प्र.पु. बहु.) |
| एतत् | एतद् (२.१) |
| तथान्ये | तथा (अव्ययः)–अन्य (१.३) |
| वनचारिणः | वन–चारिन् (१.३) |
| विशन्ति | विशन्ति (√विश् लट् प्र.पु. बहु.) |
| मोहाद् | मोह (५.१) |
| ये | यद् (१.३) |
| ऽप्य् | अपि (अव्ययः) |
| अत्र | अत्र (अव्ययः) |
| निवर्तन्ते | निवर्तन्ते (√नि-वृत् लट् प्र.पु. बहु.) |
| न | न (अव्ययः) |
| ते | तद् (१.३) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प | क्षि | णो | व | र्ज | य | न्त्ये | त |
| त्त | था | न्ये | व | न | चा | रि | णः |
| वि | श | न्ति | मो | हा | द्ये | ऽप्य | त्र |
| नि | व | र्त | न्ते | न | ते | पु | नः |