पदच्छेदः
| क्रीडन्तम् | क्रीडत् (√क्रीड् + शतृ, २.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| देवेशं | देवेश (२.१) |
| नन्दने | नन्दन (७.१) |
| ऽप्सरसां | अप्सरस् (६.३) |
| गणैः | गण (३.३) |
| मन्त्रिषु | मन्त्रिन् (७.३) |
| न्यस्तकार्यं | न्यस्त (√नि-अस् + क्त)–कार्य (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| मन्त्रिणाम् | मन्त्रिन् (६.३) |
| अनवेक्षकम् | अनवेक्षक (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क्री | ड | न्त | मि | व | दे | वे | शं |
| न | न्द | ने | ऽप्स | र | सां | ग | णैः |
| म | न्त्रि | षु | न्य | स्त | का | र्यं | च |
| म | न्त्रि | णा | म | न | वे | क्ष | कम् |