पदच्छेदः
| स्वां | स्व (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| पत्नीम् | पत्नी (२.१) |
| अभिप्रेतां | अभिप्रेत (√अभिप्र-इ + क्त, २.१) |
| तारां | तारा (२.१) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| समीप्सिताम् | समीप्सित (२.१) |
| विहरन्तम् | विहरत् (√वि-हृ + शतृ, २.१) |
| अहोरात्रं | अहोरात्र (२.१) |
| कृतार्थं | कृतार्थ (२.१) |
| विगतज्वलम् | विगत (√वि-गम् + क्त)–ज्वल (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्वां | च | पा | त्नी | म | भि | प्रे | तां |
| ता | रां | चा | पि | स | मी | प्सि | ताम् |
| वि | ह | र | न्त | म | हो | रा | त्रं |
| कृ | ता | र्थं | वि | ग | त | ज्व | लम् |