पदच्छेदः
| तरुणादित्यवर्णेषु | तरुण–आदित्य–वर्ण (७.३) |
| भ्राजमानेषु | भ्राजमान (√भ्राज् + शानच्, ७.३) |
| सर्वशः | सर्वशस् (अव्ययः) |
| पर्वतेषु | पर्वत (७.३) |
| समुद्रान्ते | समुद्र–अन्त (७.१) |
| पश्चिमस्यां | पश्चिम (७.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| ये | यद् (१.३) |
| दिशि | दिश् (७.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | रु | णा | दि | त्य | व | र्णे | षु |
| भ्रा | ज | मा | ने | षु | स | र्व | शः |
| प | र्व | ते | षु | स | मु | द्रा | न्ते |
| प | श्चि | म | स्यां | तु | ये | दि | शि |