पदच्छेदः
| महेन्द्रहिमवद्विन्ध्यकैलासशिखरेषु | महेन्द्र–हिमवन्त्–विन्ध्य–कैलास–शिखर (७.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| मन्दरे | मन्दर (७.१) |
| पाण्डुशिखरे | पाण्डु–शिखर (७.१) |
| पञ्चशैलेषु | पञ्चशैल (७.३) |
| ये | यद् (१.३) |
| स्थिताः | स्थित (√स्था + क्त, १.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | हे | न्द्र | हि | म | व | द्वि | न्ध्य |
| कै | ला | स | शि | ख | रे | षु | च |
| म | न्द | रे | पा | ण्डु | शि | ख | रे |
| प | ञ्च | शै | ले | षु | ये | स्थि | ताः |