पदच्छेदः
| किराताः | किरात (१.३) |
| कर्णचूडाश् | कर्ण–चूडा (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| हेमाङ्गाः | हेमाङ्ग (१.३) |
| प्रियदर्शनाः | प्रिय–दर्शन (१.३) |
| आममीनाशनास् | आम–मीन–अशन (१.३) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| किराता | किरात (१.३) |
| द्वीपवासिनः | द्वीप–वासिन् (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| कि | रा | ताः | क | र्ण | चू | डा | श्च |
| हे | मा | ङ्गाः | प्रि | य | द | र्श | नाः |
| आ | म | मी | ना | श | ना | स्त | त्र |
| कि | रा | ता | द्वी | प | वा | सि | नः |