पदच्छेदः
| रावणः | रावण (१.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| वैदेह्या | वैदेही (३.१) |
| मार्गितव्यस् | मार्गितव्य (√मार्ग् + कृत्, १.१) |
| ततस् | ततस् (अव्ययः) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| समुद्रद्वीपांश् | समुद्र–द्वीप (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| सुभीमान् | सु (अव्ययः)–भीम (२.३) |
| द्रष्टुम् | द्रष्टुम् (√दृश् + तुमुन्) |
| अर्हथ | अर्हथ (√अर्ह् लट् म.पु. द्वि.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रा | व | णः | स | ह | वै | दे | ह्या |
| मा | र्गि | त | व्य | स्त | त | स्त | तः |
| त | तः | स | मु | द्र | द्वी | पां | श्च |
| सु | भी | मा | न्द्र | ष्टु | म | र्ह | थ |