पदच्छेदः
| आपूर्यमाणं | आपूर्यमाण (√आ-पृ + शानच्, २.१) |
| शश्वच् | शश्वत् (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| तेजोबलपराक्रमैः | तेजस्–बल–पराक्रम (३.३) |
| शशिनं | शशिन् (२.१) |
| शुक्लपक्षादौ | शुक्लपक्ष–आदि (७.१) |
| वर्धमानम् | वर्धमान (√वृध् + शानच्, २.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| श्रिया | श्री (३.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | पू | र्य | मा | णं | श | श्व | च्च |
| ते | जो | ब | ल | प | रा | क्र | मैः |
| श | शि | नं | शु | क्ल | प | क्षा | दौ |
| व | र्ध | मा | न | मि | व | श्रि | या |