अन्वयः
विप्रकीर्णशिलोच्चयः scattered rocks, वित्रस्तमृगमातङ्गः terrified deer and elephants, प्रकम्पितमहाद्रुमः violently shaken up trees, सलिलोत्पीडान् poured out gushing streams of water, मुमोच released.
Summary
The rocks of the mountain got scattered by the force. The deer and elephants were terrified. The trees were shaken up violently and streams of water gushed forth.
पदच्छेदः
| मुमोच | मुमोच (√मुच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| सलिलोत्पीडान् | सलिल–उत्पीड (२.३) |
| विप्रकीर्णशिलोच्चयः | विप्रकीर्ण (√विप्र-कृ + क्त)–शिला–उच्चय (१.१) |
| वित्रस्तमृगमातङ्गः | वित्रस्त (√वि-त्रस् + क्त)–मृग–मातंग (१.१) |
| प्रकम्पितमहाद्रुमः | प्रकम्पित (√प्र-कम्प् + क्त)–महत्–द्रुम (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मु | मो | च | स | लि | लो | त्पी | डा |
| न्वि | प्र | की | र्ण | शि | लो | च्च | यः |
| वि | त्र | स्त | मृ | ग | मा | त | ङ्गः |
| प्र | क | म्पि | त | म | हा | द्रु | मः |