५.१५.२०

क्षीणपुण्यां च्युतां भूमौ तारां निपतितामिव ।
चारित्र्य व्यपदेशाढ्यां भर्तृदर्शनदुर्गताम् ॥

M N Dutt

She appeared like a star fallen down on the earth on the wane of virtue. And famed though she was all over the world for her chastity, it was difficult for her now to see her husband.

पदच्छेदः

क्षीणपुण्यांक्षीण (√क्षि + क्त)–पुण्य (२.१)
च्युतांच्युत (√च्यु + क्त, २.१)
भूमौभूमि (७.१)
तारांतारा (२.१)
निपतिताम्निपतित (√नि-पत् + क्त, २.१)
इवइव (अव्ययः)
चारित्र्यव्यपदेशाढ्यांचारित्र्य–व्यपदेश–आढ्य (२.१)
भर्तृदर्शनदुर्गताम्भर्तृ–दर्शन–दुर्गत (२.१)

छन्दः

अनुष्टुप् [८]

छन्दोविश्लेषणम्

क्षी पु ण्यांच्यु तां भू मौ
ता रांनिति तामि
चा रि त्र्यव्य दे शा ढ्यां
र्तृर्श दुर्ग ताम्