पदच्छेदः
| प्रियङ्गून् | प्रियङ्गु (२.३) |
| गन्धपूर्णांश्च | गन्ध–पूर्ण (२.३)–च (अव्ययः) |
| नीपान् | नीप (२.३) |
| सप्तच्छदांस्तथा | सप्तच्छद (२.३)–तथा (अव्ययः) |
| असनान् | असन (२.३) |
| कोविदारांश्च | कोविदार (२.३)–च (अव्ययः) |
| करवीरांश्च | करवीर (२.३)–च (अव्ययः) |
| पुष्पितान् | पुष्पित (२.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रि | य | ङ्गू | न्ग | न्ध | पू | र्णां | श्च |
| नी | पा | न्स | प्त | च्छ | दां | स्त | था |
| अ | स | ना | न्को | वि | दा | रां | श्च |
| क | र | वी | रां | श्च | पु | ष्पि | तान् |