अन्वयः
वानरपुङ्गव O chief of vanaras, प्राकृतः an ordinary one, अन्यः other, अप्रमेयस्य of an immeasurable one, उदधेः ocean's, पारम् far off shore, इमाम् this, भूमिम् this land, आगन्तुम् reach, कथम् how, अर्हति fit.
M N Dutt
What ordinary man can come here crossing the incomparable ocean.
Summary
"O chief of vanaras how could an ordinary person be capable of reaching this land on far off shore of the immeasurable ocean?
पदच्छेदः
| प्राकृतो | प्राकृत (१.१) |
| ऽन्यः | अन्य (१.१) |
| कथं | कथम् (अव्ययः) |
| चेमां | च (अव्ययः)–इदम् (२.१) |
| भूमिम् | भूमि (२.१) |
| आगन्तुम् | आगन्तुम् (√आ-गम् + तुमुन्) |
| अर्हति | अर्हति (√अर्ह् लट् प्र.पु. एक.) |
| उदधेर् | उदधि (६.१) |
| अप्रमेयस्य | अप्रमेय (६.१) |
| पारं | पार (२.१) |
| वानरपुंगव | वानर–पुंगव (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प्रा | कृ | तो | ऽन्यः | क | थं | चे | मां |
| भू | मि | मा | ग | न्तु | म | र्ह | ति |
| उ | द | धे | र | प्र | मे | य | स्य |
| पा | रं | वा | न | र | पुं | ग | व |