अन्वयः
मन्त्रतत्त्वज्ञैः by learned ones, शुभबुद्धिभिः by the intellectuals, मन्त्रिभिः with ministers, अन्यैः with others, रक्षोभिः with ogres, सुरैः with suras, सुरेश्वरम् इव like Indra, अन्वास्यमानम् attended him.
Summary
He was attended by ogres including ministers who were intellectuals and adept in counselling. He appeared like lord Indra attended by the gods.
पदच्छेदः
| मन्त्रिभिर् | मन्त्रिन् (३.३) |
| मन्त्रतत्त्वज्ञैर् | मन्त्र–तत्त्व–ज्ञ (३.३) |
| अन्यैश्च | अन्य (३.३)–च (अव्ययः) |
| शुभबुद्धिभिः | शुभ–बुद्धि (३.३) |
| अन्वास्यमानं | अन्वास्यमान (√अनु-आस् + शानच्, २.१) |
| सचिवैः | सचिव (३.३) |
| सुरैर् | सुर (३.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| सुरेश्वरम् | सुरेश्वर (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| म | न्त्रि | भि | र्म | न्त्र | त | त्त्व | ज्ञै |
| र | न्यै | श्च | शु | भ | बु | द्धि | भिः |
| अ | न्वा | स्य | मा | नं | स | चि | वैः |
| सु | रै | रि | व | सु | रे | श्व | रम् |