पदच्छेदः
| मध्वासवकृतक्लेदं | मध्वासव–कृत (√कृ + क्त)–क्लेद (२.१) |
| मणिभाजनसंकुलम् | मणि–भाजन–संकुल (२.१) |
| मनोरमम् | मनोरम (२.१) |
| असंबाधं | असंबाध (२.१) |
| कुबेरभवनं | कुबेर–भवन (२.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | ध्वा | स | व | कृ | त | क्ले | दं |
| म | णि | भा | ज | न | सं | कु | लम् |
| म | नो | र | म | म | सं | बा | धं |
| कु | बे | र | भ | व | नं | य | था |