अन्वयः
क्रूरकर्मणः cruel in action, राक्षसाः ogres, तम् him, शङ्खभेरीनिनादैश्च by sounding conches and beating drums, स्वकर्मभिः with their actions, घोषयन्तः while announcing, तां पुरीम् that city, चारयन्ति स्म paraded him.
Summary
The cruel demons started blowing conches and beating drums. They paraded him in the city announcing their deeds.
पदच्छेदः
| शङ्खभेरीनिनादैस्तैर् | शङ्ख–भेरी–निनाद (३.३)–तद् (३.३) |
| घोषयन्तः | घोषयत् (√घोषय् + शतृ, १.३) |
| स्वकर्मभिः | स्व–कर्मन् (३.३) |
| राक्षसाः | राक्षस (१.३) |
| क्रूरकर्माणश्चारयन्ति | क्रूर–कर्मन् (१.३)–चारयन्ति (√चारय् लट् प्र.पु. बहु.) |
| स्म | स्म (अव्ययः) |
| तां | तद् (२.१) |
| पुरीम् | पुरी (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| श | ङ्ख | भे | री | नि | ना | दै | स्तै |
| र्घो | ष | य | न्तः | स्व | क | र्म | भिः |
| रा | क्ष | साः | क्रू | र | क | र्मा | ण |
| श्चा | र | य | न्ति | स्म | तां | पु | रीम् |