अन्वयः
मधुमत्ताः by drinking of honey, प्लवगाः vanaras, उन्मत्तभूताः like mad people, हृष्टवत् joyfully, अन्योन्यम् each other, क्षिपन्ति pushing each other, अपरे others, स्खलन्ति च were shaking unsteady.
Summary
Intoxicated with drink, some behaved like mad people, some pushed others senselessly and some were unsteady and shaky.
पदच्छेदः
| उन्मत्तभूताः | उन्मत्त (√उत्-मद् + क्त)–भूत (√भू + क्त, १.३) |
| प्लवगा | प्लवग (१.३) |
| मधुमत्ताश्च | मधु–मत्त (√मद् + क्त, १.३)–च (अव्ययः) |
| हृष्टवत् | हृष्ट (√हृष् + क्त)–वत् (अव्ययः) |
| क्षिपन्त्यपि | क्षिपन्ति (√क्षिप् लट् प्र.पु. बहु.)–अपि (अव्ययः) |
| तथान्योन्यं | तथा (अव्ययः)–अन्योन्य (२.१) |
| स्खलन्त्यपि | स्खलन्ति (√स्खल् लट् प्र.पु. बहु.)–अपि (अव्ययः) |
| तथापरे | तथा (अव्ययः)–अपर (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | न्म | त्त | भू | ताः | प्ल | व | गा |
| म | धु | म | त्ता | श्च | हृ | ष्ट | वत् |
| क्षि | प | न्त्य | पि | त | था | न्यो | न्यं |
| स्ख | ल | न्त्य | पि | त | था | प | रे |