पदच्छेदः
| भक्षणैः | भक्षण (३.३) |
| कर्णनासानां | कर्ण–नासा (६.३) |
| केशानां | केश (६.३) |
| लुञ्चनैस्तथा | लुञ्चन (३.३)–तथा (अव्ययः) |
| भृशं | भृशम् (अव्ययः) |
| शुष्कमुखीभिश्च | शुष्क–मुख (३.३)–च (अव्ययः) |
| दारुणैर् | दारुण (३.३) |
| लङ्घनैर् | लङ्घन (३.३) |
| हतैः | हत (३.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भ | क्ष | णैः | क | र्ण | ना | सा | नां |
| के | शा | नां | लु | ञ्च | नै | स्त | था |
| भृ | शं | शु | ष्क | मु | खी | भि | श्च |
| दा | रु | णै | र्ल | ङ्घ | नै | र्ह | तैः |