अन्वयः
ब्राह्मणार्थे brahmanas, नियुक्तस्य entrusted, सर्वतापसान् all ascetics, रक्षतः protecting, भार्या wife, अनिन्दिता irreproachable, इयम् this, रावणेन by Ravana, हृता abducted, बभूव known to me
Summary
"This irreproachable wife of yours was abducted by Ravana while you were engaged with the protection of all ascetics and entrusted with the care of brahmanas."
पदच्छेदः
| ब्राह्मणार्थे | ब्राह्मण–अर्थ (७.१) |
| नियुक्तस्य | नियुक्त (√नि-युज् + क्त, ६.१) |
| रक्षतः | रक्षत् (√रक्ष् + शतृ, ६.१) |
| सर्वतापसान् | सर्व–तापस (२.३) |
| मारीचदर्शनं | मारीच–दर्शन (१.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| सीतोन्मथनम् | सीता–उन्मथन (१.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ब्रा | ह्म | णा | र्थे | नि | यु | क्त | स्य |
| र | क्ष | तः | स | र्व | ता | प | सान् |
| मा | री | च | द | र्श | नं | चै | व |
| सी | तो | न्म | थ | न | मे | व | च |