पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| चैष | च (अव्ययः)–एतद् (१.१) |
| वरो | वर (१.१) |
| दत्तो | दत्त (√दा + क्त, १.१) |
| वासवेन | वासव (३.१) |
| परंतप | परंतप (८.१) |
| ससैन्यस्य | स (अव्ययः)–सैन्य (६.१) |
| तदातिथ्यं | तदा (अव्ययः)–आतिथ्य (१.१) |
| कृतं | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
| सर्वगुणान्वितम् | सर्व–गुण–अन्वित (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्य | चै | ष | व | रो | द | त्तो |
| वा | स | वे | न | प | रं | त | प |
| स | सै | न्य | स्य | त | दा | ति | थ्यं |
| कृ | तं | स | र्व | गु | णा | न्वि | तम् |