अन्वयः
एषः this, राघवस्यार्थे for the cause of Rama, जीवितम् life, नपरिरक्षतिहि not spare his life. एषैना he too, युद्धे in war, सर्वराक्षसान् all Rakshasas, विहन्तुम् destroy, आशिंपते intent upon.
Summary
"For the cause of Rama, he will spare his life. He too is intent upon destroying all Rakshasas."
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| ह्येष | हि (अव्ययः)–एतद् (१.१) |
| राघवस्यार्थे | राघव (६.१)–अर्थ (७.१) |
| जीवितं | जीवित (२.१) |
| परिरक्षति | परिरक्षति (√परि-रक्ष् लट् प्र.पु. एक.) |
| एषैवाशंसते | एतद् (१.१)–एव (अव्ययः)–आशंसते (√आ-शंस् लट् प्र.पु. एक.) |
| युद्धे | युद्ध (√युध् + क्त, ७.१) |
| निहन्तुं | निहन्तुम् (√नि-हन् + तुमुन्) |
| सर्वराक्षसान् | सर्व–राक्षस (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | ह्ये | ष | रा | घ | व | स्या | र्थे |
| जी | वि | तं | प | रि | र | क्ष | ति |
| ए | षै | वा | शं | स | ते | यु | द्धे |
| नि | ह | न्तुं | स | र्व | रा | क्ष | सान् |