अन्वयः
नीचस्य mean, यस्य his, अपराधात् mistakes, रक्षसाम् Rakshasas, वधम् terminate, द्रक्ष्यामि perceive, तस्मिन् his, राक्षसाधमे lowly Rakshasa, कीर्तितेसति mention of name, मे my, रोषः wrath, वर्तते aroused.
Summary
"My wrath is aroused by the mention of the name of lowly Rakshasa. Because of his mistakes all Rakshasas are to be exterminated now."
पदच्छेदः
| यस्मिन्मे | यद् (७.१)–मद् (६.१) |
| वर्धते | वर्धते (√वृध् लट् प्र.पु. एक.) |
| रोषः | रोष (१.१) |
| कीर्तिते | कीर्तित (√कीर्तय् + क्त, ७.१) |
| राक्षसाधमे | राक्षस–अधम (७.१) |
| यस्यापराधान्नीचस्य | यद् (६.१)–अपराध (५.१)–नीच (६.१) |
| वधं | वध (२.१) |
| द्रक्ष्यामि | द्रक्ष्यामि (√दृश् लृट् उ.पु. ) |
| रक्षसाम् | रक्षस् (६.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | स्मि | न्मे | व | र्ध | ते | रो | षः |
| की | र्ति | ते | रा | क्ष | सा | ध | मे |
| य | स्या | प | रा | धा | न्नी | च | स्य |
| व | धं | द्र | क्ष्या | मि | र | क्ष | साम् |