पदच्छेदः
| हिन्तालैर् | हिन्ताल (३.३) |
| अर्जुनैर् | अर्जुन (३.३) |
| नीपैः | नीप (३.३) |
| सप्तपर्णैश्च | सप्तपर्ण (३.३)–च (अव्ययः) |
| पुष्पितैः | पुष्पित (३.३) |
| तिलकैः | तिलक (३.३) |
| कर्णिकारैश्च | कर्णिकार (३.३)–च (अव्ययः) |
| पाटलैश्च | पाटल (३.३)–च (अव्ययः) |
| समन्ततः | समन्ततः (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| हि | न्ता | लै | र | र्जु | नै | र्नी | पैः |
| स | प्त | प | र्णै | श्च | पु | ष्पि | तैः |
| ति | ल | कैः | क | र्णि | का | रै | श्च |
| प | टा | लै | श्च | स | म | न्त | तः |