पदच्छेदः
| हेमपट्टपरिक्षिप्तां | हेमन्–पट्ट–परिक्षिप्त (√परि-क्षिप् + क्त, २.१) |
| मांसशोणितलेपनाम् | मांस–शोणित–लेपन (२.१) |
| विराजमानां | विराजमान (√वि-राज् + शानच्, २.१) |
| वपुषा | वपुस् (३.१) |
| शत्रुशोणितरञ्जिताम् | शत्रु–शोणित–रञ्जित (√रञ्जय् + क्त, २.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| हे | म | प | ट्ट | प | रि | क्षि | प्तां |
| मां | स | शो | णि | त | ले | प | नाम् |
| वि | रा | ज | मा | नां | व | पु | षा |
| श | त्रु | शो | णि | त | र | ञ्जि | ताम् |