अन्वयः
अस्य his, त्रिणतम् curved in three places, मेघसन्नादम् close to thundering cloud, हेमवृष्ठम् golden, अलङ्कृतम् decorated, धनुः bow, प्रख्यम् casting, विराजते splendour.
Summary
"His bow with three curves, covered with gold, decorated, is close to a thundering cloud, casting its splendour."
पदच्छेदः
| त्रिणतं | त्रिणत (१.१) |
| मेघनिर्ह्रादं | मेघ–निर्ह्राद (१.१) |
| हेमपृष्ठम् | हेमन्–पृष्ठ (१.१) |
| अलंकृतम् | अलंकृत (√अलम्-कृ + क्त, १.१) |
| शतक्रतुधनुःप्रख्यं | शतक्रतु–धनुस्–प्रख्य (१.१) |
| धनुश्चास्य | धनुस् (१.१)–च (अव्ययः)–इदम् (६.१) |
| विराजते | विराजते (√वि-राज् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त्रि | ण | तं | मे | घ | नि | र्ह्रा | दं |
| हे | म | पृ | ष्ठ | म | लं | कृ | तम् |
| श | त | क्र | तु | ध | नुः | प्र | ख्यं |
| ध | नु | श्चा | स्य | वि | रा | ज | ते |