ततः स वायोर्वचनं निशम्य; सौमित्रिरिन्द्रप्रतिमानवीर्यः ।
समाददे बाणममोघवेगं; तद्ब्राह्ममस्त्रं सहसा नियोज्य ॥
ततः स वायोर्वचनं निशम्य; सौमित्रिरिन्द्रप्रतिमानवीर्यः ।
समाददे बाणममोघवेगं; तद्ब्राह्ममस्त्रं सहसा नियोज्य ॥
अन्वयः
ततः then, इन्द्रप्रतिमानवीर्यः equal to Indra in valiance, सौमित्रिः Saumithri, वायोः Wind god, वचनम् words, निशम्य hearing, अथ now, तत् that, ब्राह्मम् अस्त्रम् pressing Brahma weapon to serve, सहसा with force नियोज्य charged, आमोघवेगम् terrific speed, बाणम् arrow, समादधे went, तस्मिन् वरास्त्रेतु while being fixed into the arrows.M N Dutt
Hearing the words of the wind-god, Sumitrā's son like to Indra in prowess took an arrow endowed with fierce impetuosity, and at once set it on a Brahma weapon.Summary
Then Saumithri who is equal to Indra hearing wind god's words invoked Brahma's weapon into service. While he was charging into his arrows and fixing the arrow went at terrific speed.पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| वायोर् | वायु (६.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| निशम्य | निशम्य (√नि-शामय् + ल्यप्) |
| सौमित्रिर् | सौमित्रि (१.१) |
| इन्द्रप्रतिमानवीर्यः | इन्द्र–प्रतिमान–वीर्य (१.१) |
| समाददे | समाददे (√समा-दा लिट् प्र.पु. एक.) |
| बाणम् | बाण (२.१) |
| अमोघवेगं | अमोघ–वेग (२.१) |
| तद् | तद् (२.१) |
| ब्राह्मम् | ब्राह्म (२.१) |
| अस्त्रं | अस्त्र (२.१) |
| सहसा | सहस् (३.१) |
| नियोज्य | नियोज्य (√नि-योजय् + ल्यप्) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तः | स | वा | यो | र्व | च | नं | नि | श | म्य |
| सौ | मि | त्रि | रि | न्द्र | प्र | ति | मा | न | वी | र्यः |
| स | मा | द | दे | बा | ण | म | मो | घ | वे | गं |
| त | द्ब्रा | ह्म | म | स्त्रं | स | ह | सा | नि | यो | ज्य |