तस्मिन्वरास्त्रे तु नियुज्यमाने; सौमित्रिणा बाणवरे शिताग्रे ।
दिशः सचन्द्रार्कमहाग्रहाश्च; नभश्च तत्रास ररास चोर्वी ॥
तस्मिन्वरास्त्रे तु नियुज्यमाने; सौमित्रिणा बाणवरे शिताग्रे ।
दिशः सचन्द्रार्कमहाग्रहाश्च; नभश्च तत्रास ररास चोर्वी ॥
अन्वयः
सौमित्रिणआ Saumithri, शिताग्रे sharp pointed tip, बाणवरे best, तस्मिन् that, वरास्त्रे foremost arrow नियुज्यमाने charged, दिशः च directions, चन्द्रार्कमहाग्रहाश्च moon and Sun and other planets, नभश्च sky, तत्रास feared, ऊर्वीच earth, चचाल shook.M N Dutt
On that sharp-headed best of arrows being fixed on that foremost of weapons, the cardinal quarters and the Moon and the sun and the mighty planets and the sky were saized with affright; and the earth shook.Summary
As Saumithri charged the sharp pointed foremost arrow, the directions, moon, Sun and other planets and the sky, earth, and all space shook.पदच्छेदः
| तस्मिन् | तद् (७.१) |
| वरास्त्रे | वर–अस्त्र (७.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| नियुज्यमाने | नियुज्यमान (√नि-युज् + शानच्, ७.१) |
| सौमित्रिणा | सौमित्रि (३.१) |
| बाणवरे | बाण–वर (७.१) |
| शिताग्रे | शित (√शा + क्त)–अग्र (७.१) |
| दिशः | दिश् (१.३) |
| सचन्द्रार्कमहाग्रहाश्च | स (अव्ययः)–चन्द्र–अर्क–महाग्रह (१.३)–च (अव्ययः) |
| नभश्च | नभस् (१.१)–च (अव्ययः) |
| तत्रास | तत्रास (√त्रस् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ररास | ररास (√रस् लिट् प्र.पु. एक.) |
| चोर्वी | च (अव्ययः)–उर्वी (१.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्मि | न्व | रा | स्त्रे | तु | नि | यु | ज्य | मा | ने |
| सौ | मि | त्रि | णा | बा | ण | व | रे | शि | ता | ग्रे |
| दि | शः | स | च | न्द्रा | र्क | म | हा | ग्र | हा | श्च |
| न | भ | श्च | त | त्रा | स | र | रा | स | चो | र्वी |