पदच्छेदः
| क्रौञ्चबर्हिणवीणानां | क्रौञ्च–बर्हिण–वीणा (६.३) |
| भूषणानां | भूषण (६.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| निस्वनैः | निस्वन (३.३) |
| नादितान्यचलाभानि | नादित (√नादय् + क्त, १.३)–अचल–आभ (१.३) |
| वेश्मान्यग्निर् | वेश्मन् (२.३)–अग्नि (१.१) |
| ददाह | ददाह (√दह् लिट् प्र.पु. एक.) |
| सः | तद् (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क्रौ | ञ्च | ब | र्हि | ण | वी | णा | नां |
| भू | ष | णा | नां | च | नि | स्व | नैः |
| ना | दि | ता | न्य | च | ला | भा | नि |
| वे | श्मा | न्य | ग्नि | र्द | दा | ह | सः |