अन्वयः
ज्वलनेन by the touch of fire, परीतानि covered, तोरणानि archways, घर्मगे in summer, विद्युद्भिः lightning, नद्धानि girt round, मेघजालानीव like clusters of clouds, चकाशिरे shone.
Summary
The archways covered with a touch of fire shone like lightning in summer, girt round like clusters of clouds.
पदच्छेदः
| ज्वलनेन | ज्वलन (३.१) |
| परीतानि | परीत (√परि-इ + क्त, १.३) |
| तोरणानि | तोरण (१.३) |
| चकाशिरे | चकाशिरे (√काश् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| विद्युद्भिर् | विद्युत् (३.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| नद्धानि | नद्ध (√नह् + क्त, १.३) |
| मेघजालानि | मेघ–जाल (१.३) |
| घर्मगे | घर्मग (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज्व | ल | ने | न | प | री | ता | नि |
| तो | र | णा | नि | च | का | शि | रे |
| वि | द्यु | द्भि | रि | व | न | द्धा | नि |
| मे | घ | जा | ला | नि | घ | र्म | गे |