अन्वयः
दण्डके in Dandaka, मया by me alone, रक्षसाम् Rakshasas, चतुर्दश fourteen, सहस्राणि thousands, यः there, त्वत्पिता your father, त्रिशिराःTrisira, दूषणश्चापि and Dooshana also, निहताः were killed
Summary
"In Dandaka, fourteen thousand Rakshasas, your father, Trisira, and also Dooshana were killed by me alone."
पदच्छेदः
| चतुर्दशसहस्राणि | चतुर्दशन्–सहस्र (१.३) |
| रक्षसां | रक्षस् (६.३) |
| त्वत्पिता | त्वद्–पितृ (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| यः | यद् (१.१) |
| त्रिशिरा | त्रिशिरस् (१.१) |
| दूषणश्चापि | दूषण (१.१)–च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| दण्डके | दण्डक (७.१) |
| निहता | निहत (√नि-हन् + क्त, १.३) |
| मया | मद् (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| च | तु | र्द | श | स | ह | स्रा | णि |
| र | क्ष | सां | त्व | त्पि | ता | च | यः |
| त्रि | शि | रा | दू | ष | ण | श्चा | पि |
| द | ण्ड | के | नि | ह | ता | म | या |