पदच्छेदः
| उभौ | उभ् (१.२) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| बलसम्पन्नावुभौ | बल–सम्पन्न (√सम्-पद् + क्त, १.२)–उभ् (१.२) |
| विक्रमशालिनौ | विक्रम–शालिन् (१.२) |
| उभावपि | उभ् (१.२)–अपि (अव्ययः) |
| सुविक्रान्तौ | सु (अव्ययः)–विक्रान्त (√वि-क्रम् + क्त, १.२) |
| सर्वशस्त्रास्त्रकोविदौ | सर्व–शस्त्र–अस्त्र–कोविद (१.२) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | भौ | हि | ब | ल | सं | प | न्ना |
| वु | भौ | वि | क्र | म | शा | लि | नौ |
| उ | भा | व | पि | सु | वि | क्रा | न्तौ |
| स | र्व | श | स्त्रा | स्त्र | को | वि | दौ |