अन्वयः
सःरावणः that Ravana, लक्ष्मणेन by Lakshmana, भ्रातरम् brother, मोक्षितम् rescued, दृष्टवा seeing, लक्ष्मणाभिमुखःfacing Lakshmana, तिष्ठन् stood, इदम् these, वचनम् words, अब्रवीत् spoke
M N Dutt
Seeing his brother delivered by Lakşmana, Ravana, facing Laksmana spoke these words.
Summary
Thus spoke Ravana seeing Lakshmana who stood facing him, who rescued his brother (Vibheeshana).
पदच्छेदः
| मोक्षितं | मोक्षित (√मोक्षय् + क्त, २.१) |
| भ्रातरं | भ्रातृ (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| लक्ष्मणेन | लक्ष्मण (३.१) |
| स | तद् (१.१) |
| रावणः | रावण (१.१) |
| लक्ष्मणाभिमुखस्तिष्ठन्न् | लक्ष्मण–अभिमुख (१.१)–तिष्ठत् (√स्था + शतृ, १.१) |
| इदं | इदम् (२.१) |
| वचनम् | वचन (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मो | क्षि | तं | भ्रा | त | रं | दृ | ष्ट्वा |
| ल | क्ष्म | णे | न | स | रा | व | णः |
| ल | क्ष्म | णा | भि | मु | ख | स्ति | ष्ठ |
| न्नि | दं | व | च | न | म | ब्र | वीत् |