अन्वयः
भीमवेगेन at terrific speed, क्षिप्ता hurled, वज्राशनिसमस्वना equal to thunderbolt, साशक्तिः that javelin, रणमूर्धनि forefront of war, वेगात् speedily, लक्ष्मणम् towards Lakshmana, अभ्यपतत् went
Summary
Hurled at terrific speed, that javelin, which was equal to thunderbolt, speedily went towards Lakshmana in the forefront of war.
पदच्छेदः
| सा | तद् (१.१) |
| क्षिप्ता | क्षिप्त (√क्षिप् + क्त, १.१) |
| भीमवेगेन | भीम–वेग (३.१) |
| शक्राशनिसमस्वना | शक्र–अशनि–सम–स्वन (१.१) |
| शक्तिर् | शक्ति (१.१) |
| अभ्यपतद् | अभ्यपतत् (√अभि-पत् लङ् प्र.पु. एक.) |
| वेगाल्लक्ष्मणं | वेग (५.१)–लक्ष्मण (२.१) |
| रणमूर्धनि | रण–मूर्धन् (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सा | क्षि | प्ता | भी | म | वे | गे | न |
| श | क्रा | श | नि | स | म | स्व | ना |
| श | क्ति | र | भ्य | प | त | द्वे | गा |
| ल्ल | क्ष्म | णं | र | ण | मू | र्ध | नि |