अन्वयः
सुसङ्क्रुद्धम् highly furious, रामम् Rama, सुदारुणान् very dreadful, उत्पातान् च rising up, दृष्टवा seeing, सर्वभूतानि all beings, वित्रेसुः frightened, रावणस्य of Ravana, भयम् fear, अभवत् was created
M N Dutt
Seeing Rāma wrought up with a mighty passion, and the fearful disastrous omens, all creatures were possessed by fright and Rāvana was stuck with dismay.
Summary
Rama became highly furious, most dreadful sounds were rising up and all beings were frightened. Ravana was also afraid.
पदच्छेदः
| रामं | राम (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| सुसंक्रुद्धम् | सु (अव्ययः)–संक्रुद्ध (√सम्-क्रुध् + क्त, २.१) |
| उत्पातांश्च | उत्पात (२.३)–च (अव्ययः) |
| सुदारुणान् | सु (अव्ययः)–दारुण (२.३) |
| वित्रेषुः | वित्रेषुः (√वि-त्रस् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| सर्वभूतानि | सर्व–भूत (१.३) |
| रावणस्याविशद् | रावण (६.१)–आविशत् (√आ-विश् लङ् प्र.पु. एक.) |
| भयम् | भय (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | मं | दृ | ष्ट्वा | सु | सं | क्रु | द्ध |
| मु | त्पा | तां | श्च | सु | दा | रु | णान् |
| वि | त्रे | षुः | स | र्व | भू | ता | नि |
| रा | व | ण | स्या | वि | श | द्भ | यम् |