पदच्छेदः
| अथ | अथ (अव्ययः) |
| दत्त्वा | दत्त्वा (√दा + क्त्वा) |
| स्वसारं | स्वसृ (२.१) |
| स | तद् (१.१) |
| मृगयां | मृगया (२.१) |
| पर्यटन्नृपः | पर्यटत् (√परि-अट् + शतृ, १.१)–नृप (१.१) |
| तत्रापश्यत् | तत्र (अव्ययः)–अपश्यत् (√पश् लङ् प्र.पु. एक.) |
| ततो | तत (√तन् + क्त, १.१) |
| राम | राम (८.१) |
| मयं | मय (२.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| दितेः | दिति (६.१) |
| सुतम् | सुत (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | थ | द | त्त्वा | स्व | सा | रं | स |
| मृ | ग | यां | प | र्य | ट | न्नृ | पः |
| त | त्रा | प | श्य | त्त | तो | रा | म |
| म | यं | ना | म | दि | तेः | सु | तम् |