पदच्छेदः
| नागानां | नाग (६.३) |
| बहुसाहस्रं | बहु–साहस्र (१.१) |
| वाजिनाम् | वाजिन् (६.३) |
| अयुतं | अयुत (१.१) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| महीं | मही (२.१) |
| संछाद्य | संछाद्य (√सम्-छादय् + ल्यप्) |
| निष्क्रान्तं | निष्क्रान्त (√निः-क्रम् + क्त, १.१) |
| सपदातिरथं | स (अव्ययः)–पदाति–रथ (१.१) |
| क्षणात् | क्षण (५.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ना | गा | नां | ब | हु | सा | ह | स्रं |
| वा | जि | ना | म | यु | तं | त | था |
| म | हीं | सं | छा | द्य | नि | ष्क्रा | न्तं |
| स | प | दा | ति | र | थं | क्ष | णात् |