M N Dutt
And whatever beautiful damsel he saw, married or unmarried, that demon held them captive in his car, having slain all their friends and relatives.
पदच्छेदः
| दर्शनीयां | दर्शनीय (√दृश् + अनीयर्, २.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| यां | यद् (२.१) |
| रक्षः | रक्षस् (१.१) |
| कन्यां | कन्या (२.१) |
| स्त्रीं | स्त्री (२.१) |
| वाथ | वा (अव्ययः)–अथ (अव्ययः) |
| पश्यति | पश्यति (√दृश् लट् प्र.पु. एक.) |
| हत्वा | हत्वा (√हन् + क्त्वा) |
| बन्धुजनं | बन्धु–जन (२.१) |
| तस्या | तद् (६.१) |
| विमाने | विमान (७.१) |
| संन्यवेशयत् | संन्यवेशयत् (√संनि-वेशय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| द | र्श | नी | यां | हि | यां | र | क्षः |
| क | न्यां | स्त्रीं | वा | थ | प | श्य | ति |
| ह | त्वा | ब | न्धु | ज | नं | त | स्या |
| वि | मा | ने | सं | न्य | वे | श | यत् |