पदच्छेदः
| मातृष्वसुर् | मातृष्वसृ (६.१) |
| अथास्माकं | अथ (अव्ययः)–मद् (६.३) |
| सा | तद् (१.१) |
| कन्या | कन्या (१.१) |
| चानलोद्भवा | च (अव्ययः)–अनल–उद्भव (१.१) |
| भवत्यस्माकम् | भवति (√भू लट् प्र.पु. एक.)–मद् (६.३) |
| एषा | एतद् (१.१) |
| वै | वै (अव्ययः) |
| भ्रातॄणां | भ्रातृ (६.३) |
| धर्मतः | धर्म (५.१) |
| स्वसा | स्वसृ (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मा | तृ | ष्व | सु | र | था | स्मा | कं |
| सा | क | न्या | चा | न | लो | द्भ | वा |
| भ | व | त्य | स्मा | क | मे | षा | वै |
| भ्रा | तॄ | णां | ध | र्म | तः | स्व | सा |