M N Dutt
Being shaken by the wind the nectar-smelling trees made the hill fragrant with the shower of flowers.पदच्छेदः
| पुष्पवर्षाणि | पुष्प–वर्ष (२.३) |
| मुञ्चन्तो | मुञ्चत् (√मुच् + शतृ, १.३) |
| नगाः | नग (१.३) |
| पवनताडिताः | पवन–ताडित (√ताडय् + क्त, १.३) |
| शैलं | शैल (२.१) |
| तं | तद् (२.१) |
| वासयन्तीव | वासयन्ति (√वासय् लट् प्र.पु. बहु.)–इव (अव्ययः) |
| मधुमाधवगन्धिनः | मधु–माधव–गन्धिन् (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पु | ष्प | व | र्षा | णि | मु | ञ्च | न्तो |
| न | गाः | प | व | न | ता | डि | ताः |
| शै | लं | तं | वा | स | य | न्ती | व |
| म | धु | मा | ध | व | ग | न्धि | नः |