पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| मायाबलाद् | माया–बल (५.१) |
| रक्षः | रक्षस् (१.१) |
| संग्रामे | संग्राम (७.१) |
| नाभ्यदृश्यत | न (अव्ययः)–अभ्यदृश्यत (√अभि-दृश् प्र.पु. एक.) |
| किरमाणः | किरमाण (√कृ + शानच्, १.१) |
| शरौघेन | शर–ओघ (३.१) |
| महेन्द्रम् | महत्–इन्द्र (२.१) |
| अमितौजसं | अमित–ओजस् (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | तु | मा | या | ब | ला | द्र | क्षः |
| सं | ग्रा | मे | ना | भ्य | दृ | श्य | त |
| कि | र | मा | णः | श | रौ | घे | न |
| म | हे | न्द्र | म | मि | तौ | ज | सं |