M N Dutt
I shall soon in the field of battle, with the stroke of various weapons despatch all the deities to the abode of Death,
पदच्छेदः
| अद्यैतांस्त्रिदशान् | अद्य (अव्ययः)–एतद् (२.३)–त्रिदश (२.३) |
| सर्वान् | सर्व (२.३) |
| विक्रमैः | विक्रम (३.३) |
| समरे | समर (७.१) |
| स्वयम् | स्वयम् (अव्ययः) |
| नानाशस्त्रैर् | नाना (अव्ययः)–शस्त्र (३.३) |
| महासारैर् | महत्–सार (३.३) |
| नाशयामि | नाशयामि (√नाशय् लट् उ.पु. ) |
| नभस्तलात् | नभस्तल (५.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | द्यै | तां | स्त्रि | द | शा | न्स | र्वा |
| न्वि | क्र | मैः | स | म | रे | स्व | यम् |
| ना | ना | श | स्त्रै | र्म | हा | सा | रै |
| र्ना | श | या | मि | न | भ | स्त | लात् |