पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस्तु | उक्त (√वच् + क्त, १.१)–तु (अव्ययः) |
| पुत्रेण | पुत्र (३.१) |
| विश्रवा | विश्रवस् (१.१) |
| मुनिपुंगवः | मुनि–पुंगव (१.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| प्राह | प्राह (√प्र-अह् लिट् प्र.पु. एक.) |
| धर्मज्ञ | धर्म–ज्ञ (८.१) |
| श्रूयताम् | श्रूयताम् (√श्रु प्र.पु. एक.) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| धर्मवित् | धर्म–विद् (८.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | व | मु | क्त | स्तु | पु | त्रे | ण |
| वि | श्र | वा | मु | नि | पुं | ग | वः |
| व | च | नं | प्रा | ह | ध | र्म | ज्ञ |
| श्रू | य | ता | मि | ति | ध | र्म | वित् |