M N Dutt
Thereupon Rāma, being stricken with curiosity, with folded palms and humbly accosted Agastya, residing in the southern quarter, with pregnant accents, saying.
पदच्छेदः
| अपृच्छत | अपृच्छत (√प्रच्छ् लङ् प्र.पु. एक.) |
| ततो | तत (√तन् + क्त, १.१) |
| रामो | राम (१.१) |
| दक्षिणाशालयं | दक्षिण–आशा–आलय (२.१) |
| मुनिम् | मुनि (२.१) |
| प्राञ्जलिर् | प्राञ्जलि (१.१) |
| विनयोपेत | विनय–उपेत (√उप-इ + क्त, १.१) |
| इदम् | इदम् (२.१) |
| आह | आह (√अह् लिट् प्र.पु. एक.) |
| वचो | वचस् (२.१) |
| ऽर्थवत् | अर्थवत् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | पृ | च्छ | त | त | तो | रा | मो |
| द | क्षि | णा | शा | ल | यं | मु | निम् |
| प्रा | ञ्ज | लि | र्वि | न | यो | पे | त |
| इ | द | मा | ह | व | चो | ऽर्थ | वत् |