पदच्छेदः
| सर्वेषां | सर्व (६.३) |
| ब्रह्मदण्डानाम् | ब्रह्मदण्ड (६.३) |
| अवध्यं | अवध्य (२.१) |
| ब्रह्मणा | ब्रह्मन् (३.१) |
| कृतम् | कृत (√कृ + क्त, २.१) |
| जानन्त | जानत् (√ज्ञा + शतृ, १.३) |
| ऋषयस्तं | ऋषि (१.३)–तद् (२.१) |
| वै | वै (अव्ययः) |
| क्षमन्ते | क्षमन्ते (√क्षम् लट् प्र.पु. बहु.) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| नित्यशः | नित्यशस् (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | र्वे | षां | ब्र | ह्म | द | ण्डा | ना |
| म | व | ध्यं | ब्र | ह्म | णा | कृ | तम् |
| जा | न | न्त | ऋ | ष | य | स्तं | वै |
| क्ष | म | न्ते | त | स्य | नि | त्य | शः |