पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| महर्षयः | महत्–ऋषि (१.३) |
| क्रुद्धा | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.३) |
| भृग्वङ्गिरसवंशजाः | भृगु–अङ्गिरस–वंश–ज (१.३) |
| शेपुर् | शेपुः (√शप् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| एनं | एनद् (२.१) |
| रघुश्रेष्ठ | रघु–श्रेष्ठ (८.१) |
| नातिक्रुद्धातिमन्यवः | न (अव्ययः)–अति (अव्ययः)–क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त)–अति (अव्ययः)–मन्यु (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | म | ह | र्ष | यः | क्रु | द्धा |
| भृ | ग्व | ङ्गि | र | स | वं | श | जाः |
| शे | पु | रे | नं | र | घु | श्रे | ष्ठ |
| ना | ति | क्रु | द्धा | ति | म | न्य | वः |