M N Dutt
This child will carry out your intentions, so offer him boons to please the God Vāyu.पदच्छेदः
| अनेन | इदम् (३.१) |
| शिशुना | शिशु (३.१) |
| कार्यं | कार्य (√कृ + कृत्, १.१) |
| कर्तव्यं | कर्तव्य (१.१) |
| वो | त्वद् (६.३) |
| भविष्यति | भविष्यति (√भू लृट् प्र.पु. एक.) |
| ददतास्य | ददत (√दा लोट् म.पु. द्वि.)–इदम् (६.१) |
| वरान् | वर (२.३) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| मारुतस्यास्य | मारुत (६.१)–इदम् (६.१) |
| तुष्टिदान् | तुष्टि–द (२.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | ने | न | शि | शु | ना | का | र्यं |
| क | र्त | व्यं | वो | भ | वि | ष्य | ति |
| द | द | ता | स्य | व | रा | न्स | र्वे |
| मा | रु | त | स्या | स्य | तु | ष्टि | दान् |