पदच्छेदः
| उद्युक्तानां | उद्युक्त (√उत्-युज् + क्त, ६.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| सर्वेषां | सर्व (६.३) |
| पार्थिवानां | पार्थिव (६.३) |
| महात्मनाम् | महात्मन् (६.३) |
| कालो | काल (१.१) |
| ह्यतीतः | हि (अव्ययः)–अतीत (√अति-इ + क्त, १.१) |
| सुमहान् | सु (अव्ययः)–महत् (१.१) |
| गमने | गमन (७.१) |
| रोचतां | रोचताम् (√रुच् लोट् प्र.पु. एक.) |
| मतिः | मति (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | द्यु | क्ता | नां | च | स | र्वे | षां |
| पा | र्थि | वा | नां | म | हा | त्म | नाम् |
| का | लो | ह्य | ती | तः | सु | म | हा |
| न्ग | म | ने | रो | च | तां | म | तिः |